ज्ञान का प्रभाव कम क्यों पड़ता है ?
दूसरे के तरफ ध्यान अधिक रहता है, अपनी अवक्त स्थिति की तरफ ध्यान कम रहता है। इस कारण ज्ञान के विस्तार का प्रभाव पड़ता है लेकिन लगन में मगन रहने का प्रभाव कम दिखाई देता है। रिजल्ट में यह कहते हैं कि ज्ञान बहुत ऊंचा है। लेकिन मगन रहना है यह हिम्मत नहीं रखते। क्योंकि अवक्त स्थिति द्वारा लगन का अर्थात् सम्बन्ध जोड़ने का अनुभव नहीं किया है । बाकी थोड़ा कणा-दाना लेने से प्रजा बन जाती है। अब के सम्बन्ध जुटने से ही भविष सम्बन्ध में आयेंगे, नहीं तो प्रजा में। तो नवीनता येही लानी है, जो एक सेकेण्ड में अवक्ति अनुभव द्वारा सम्बन्ध जोड़ना है। सम्बन्ध और सम्पर्क -- दोनों में फर्क है। सम्पर्क में आते हैं, सम्बन्ध में नहीं आते। समझा? 18.01.1971